नागरिकों की विशाल बैठक में MIDC टेंडर के खिलाफ जोरदार विरोध, जमीन मालिकाना हक की मांग तेज
परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई : नवी मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों इंदिरानगर, आंबेडकर नगर, गणेश नगर, गणपति पाड़ा, वारली पाड़ा, बोंसरी, गांधी नगर और शिवाजी नगर में रहने वाले नागरिकों की एक विशाल और संगठित बैठक आयोजित की गई, जिसमें MIDC द्वारा जारी टेंडर के खिलाफ तीव्र विरोध देखने को मिला। यह बैठक स्थानीय नगरसेवक अमित मेढकर के नेतृत्व में संपन्न हुई। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने एक सुर में 300 स्क्वेयर फुट आवास योजना को अस्वीकार करते हुए जमीन के मालिकाना हक की अपनी मांग को दोहराया। बैठक के दौरान अमित मेढकर द्वारा नागरिकों को MIDC के 24 मार्च 2026 के टेंडर की विस्तृत जानकारी दी गई। इस टेंडर के तहत केवल 300 स्क्वेयर फुट के घर देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे नागरिकों ने “अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य” करार दिया। इस पर अमित अमृत मेढकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह योजना नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए, जो इस मुद्दे पर जागरूक और संगठित दिखाई दिए। बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से दस्तावेजों की जानकारी दी गई, वहीं अमित मेढकर ने माइक के जरिए विस्तार से पूरे मामले को समझाया। नागरिकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें छोटे आकार के घर नहीं, बल्कि अपनी जमीन पर मालिकाना हक चाहिए। यह मांग पहले भी चुनावी मुद्दा रही है, जिसे स्थानीय नेतृत्व विशेषकर अमित मेढकर द्वारा सरकार तक लगातार पहुंचाया गया। इस संदर्भ में ऐरोली में आयोजित सभा का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वरिष्ठ नेता गणेश नाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष यह मांग प्रमुखता से रखी थी। इसके बाद 25 मार्च 2026 को सरकार द्वारा जारी GR में 500 स्क्वेयर फुट आवास के साथ जमीन का मालिकाना हक देने का निर्णय लिया गया, जिसे नागरिकों ने अपने संघर्ष की बड़ी सफलता बताया। हालांकि, MIDC का 24 मार्च का टेंडर इस निर्णय के विपरीत माना जा रहा है, जिससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है। इस विरोधाभास को लेकर अमित मेढकर ने हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टेंडर को रद्द या स्थगित करने की मांग की है। साथ ही आश्वासन दिया गया कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। बैठक के अंत में अमित मेढकर ने सभी नागरिकों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह एकता बनी रही, तो जमीन के मालिकाना हक की यह लड़ाई निश्चित रूप से सफल होगी।
