नवी मुंबई को मिली नई कनेक्टिविटी की सौगात, गणेश नाईक ने किया पुल का लोकार्पण
परमेश्वर सिंह | नवी मुंबई : नवी मुंबई के कोपरखैरणे, बोनकोडे, खैरणेगांव और आसपास के क्षेत्रों के हजारों नागरिकों को बड़ी सौगात देते हुए कोपरखैरणे सेक्टर-11 को पावणेश्वर फ्लाईओवर मार्ग से जोड़ने वाले नए पुल का भव्य लोकार्पण महाराष्ट्र के वन मंत्री श्री गणेश नाईक के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस पुल के शुरू होने से एपीएमसी मार्केट, तुर्भे, सानपाड़ा और ठाणे-बेलापुर रोड तक पहुंचने के लिए वर्षों से चली आ रही लंबी दूरी और ट्रैफिक की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, लोकार्पण समारोह में महापौर श्रीमती सुजाता पाटील, उपमहापौर दशरथ भगत, सभागृह नेता सागर नाईक, नगरसेवक मुनावर पटेल, वैष्णवी नाईक, अदिती नाईक, स्वीकृत नगरसेवक अमित मेढकर, पूर्व नगरसेवक लिलाधर नाईक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि सिडको की मूल योजना में कोपरखैरणे और बोनकोडे क्षेत्र से एपीएमसी एवं तुर्भे तक जाने के लिए कोई सीधा मार्ग नहीं था। परिणामस्वरूप नागरिकों को प्रतिदिन लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करनी पड़ती थी। नए पुल के निर्माण से न केवल दूरी कम होगी, बल्कि समय और ईंधन की भी उल्लेखनीय बचत होगी। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे लाइन के समानांतर सड़क का निर्माण किया जाता है, तो यह मार्ग और अधिक सुविधाजनक बन जाएगा। इसके लिए संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लगभग 41 मीटर लंबा और 7.50 मीटर चौड़ा यह पुल बड़े नाले पर निर्मित किया गया है। इसके माध्यम से कोपरखैरणे सेक्टर-11, खैरणेगांव और बोनकोडे गांव के नागरिक अब सीधे एपीएमसी मार्केट तक पहुंच सकेंगे। वहीं तुर्भे, सानपाड़ा और ठाणे-बेलापुर रोड की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी एक वैकल्पिक एवं तेज़ मार्ग उपलब्ध होगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुल केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि नवी मुंबई की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। इसके शुरू होने से वाशी-कोपरखैरणे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और प्रतिदिन हजारों यात्रियों को तेज़, सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। स्थानीय नागरिकों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग की पूर्ति बताया। उनका कहना है कि नए पुल के कारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आम लोगों का दैनिक सफर पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हो जाएगा।
