परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई : नवी मुंबई के APMC मार्केट क्षेत्र, विशेषकर गेट नंबर–7 के आसपास, अवैध देसी शराब और प्रतिबंधित गुटखा सप्लाई को लेकर गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं अब 24 अप्रैल की रात से जुड़ी एक नई जानकारी ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय शिकायतों और सूत्रों के अनुसार, सूरज राजू साहू उर्फ सूरज गुप्ता और राजन गौरीशंकर गुप्ता (जो आपस में चाचा–भतीजा बताए जाते हैं) पर आरोप है कि वे APMC क्षेत्र में अवैध देसी शराब और गुटखा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, भाऊ वाघचौरे, राजा गुप्ता, राकेश गुप्ता और शैलेश राजबहादुर यादव सहित अन्य लोगों के नाम भी इस कथित नेटवर्क में सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ APMC, तुर्भे समेत अन्य क्षेत्रों और कुछ अन्य राज्यों में भी पहले से मामले दर्ज होने की चर्चा हो रही है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। 24 अप्रैल की रात: DB रूम में मौजूदगी पर उठे सवाल- मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब यह जानकारी सामने आई कि 24 अप्रैल की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच APMC पुलिस स्टेशन के डिटेक्शन ब्रांच (DB) रूम में उपरोक्त नामित व्यक्ति देखे गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन लोगों की मौजूदगी को लेकर अब क्षेत्र में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, क्या यह किसी आधिकारिक पुलिस कार्रवाई का हिस्सा था? या फिर किसी प्रकार का “षड्यंत्र” किया जा रहा था? अब तक इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस की भूमिका पर सवाल, चुप्पी से बढ़ी चिंता – इस पूरे मामले में APMC पुलिस स्टेशन के तथाकथित अधिकारी, विशेष रूप से डिटेक्शन ब्रांच (DB) से जुड़े कर्मियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि समय पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो कथित अवैध कारोबार पर पहले ही रोक लग सकती थी। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय प्रभाव और जनचिंता– APMC जैसा व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी और आम नागरिक आते-जाते हैं, वहां इस तरह की कथित अवैध गतिविधियां सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध शराब और गुटखा का नेटवर्क न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि युवाओं और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
