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नवी मुंबई में हादसा टला: कोपरखैरणे की अर्थव सोसायटी में तीसरी मंजिल का स्लैब गिरा, पूरी इमारत खाली कर सील

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परमेश्वर सिंह | नवी मुंबई: कोपरखैरणे सेक्टर-18 स्थित प्लॉट क्रमांक 14 की अर्थव सोसायटी में मंगलवार शाम करीब 5 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोसायटी की तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 302 का स्लैब अचानक भरभराकर टूट गया और नीचे दूसरी मंजिल के फ्लैट नंबर 202 में जा गिरा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई भी व्यक्ति स्लैब की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लैब गिरने की तेज आवाज सुनकर सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने-अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए और पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही नगर निगम, पुलिस तथा संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पूरी इमारत को खाली करा लिया। किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए इमारत को सील कर दिया गया है तथा वहां पुलिस का बंदोबस्त लगाया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति भवन के भीतर प्रवेश न कर सके। प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कोपरखैरणे विभाग कार्यालय द्वारा सेक्टर-5 स्थित अण्णासाहेब पाटिल सभागार में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं सुरक्षा कारणों से इमारत की बिजली और पानी की आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञों द्वारा इमारत की संरचनात्मक मजबूती (Structural Audit) की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भवन की मरम्मत संभव है या उसे रहने योग्य घोषित किया जा सकता है। तब तक किसी भी निवासी को इमारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुराने और जर्जर हो चुके भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि ऐसी इमारतों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए, तो भविष्य में इस प्रकार की गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सील की गई इमारत के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। इस घटना में किसी की जान नहीं जाने से सभी ने राहत की सांस ली, लेकिन इसने शहर की पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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