घनकचरा प्रबंधन नियम-2026 को लेकर जनजागरण अभियान, सोसायटियों को दिए गए नए नियमों के निर्देश
परमेश्वर सिंह | नवी मुंबई: शहर को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कचरा प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से नवी मुंबई महानगरपालिका ने घनकचरा प्रबंधन नियम-2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार का अभियान शुरू किया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 से 11 जून के बीच शहर की विभिन्न आवासीय सोसायटियों, संस्थाओं और प्रतिष्ठानों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें नागरिकों को नए नियमों की जानकारी दी गई। महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार और घनकचरा प्रबंधन विभाग के उपआयुक्त डॉ. अजय गडदे के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत स्वच्छता अधिकारियों और निरीक्षकों ने नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया। अधिकारियों ने घर-घर जाकर तथा सोसायटियों में बैठकों के माध्यम से कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के महत्व को समझाया। अभियान के दौरान ऐरोली, दिघा, सानपाड़ा, कोपरखैरणे, वाशी और सीबीडी बेलापुर समेत विभिन्न क्षेत्रों की सोसायटियों में नागरिकों को बताया गया कि अब घरों से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक और सैनिटरी कचरे की चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना अनिवार्य होगा। साथ ही पृथक किए गए कचरे को कचरा संग्रहण वाहनों को अलग-अलग सौंपने की जिम्मेदारी भी नागरिकों की होगी। महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली सोसायटियों, संस्थानों और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए अपने परिसर में ही कचरा प्रसंस्करण एवं निस्तारण व्यवस्था विकसित करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों ने सोसायटी पदाधिकारियों और प्रबंधन समितियों को इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया। नवी मुंबई महानगरपालिका के सभी आठ प्रशासनिक विभागों में एजी एनवायरो और परिसर सखी संस्थाओं के सहयोग से चल रहे इस जनजागरूकता अभियान को नागरिकों का उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि यदि नागरिक घर से ही कचरे का सही वर्गीकरण करने की आदत अपनाते हैं, तो न केवल लैंडफिल पर पड़ने वाला दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त होंगे। महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे घनकचरा प्रबंधन नियम-2026 का पालन करते हुए स्वच्छ और हरित नवी मुंबई के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
