नवी मुंबई, प्रतिनिधि: नवी मुंबई महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने नागरिकों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, डेटा प्रबंधन, रोग नियंत्रण और अस्पतालीन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मनपा के अधीन संचालित 26 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, 2 माता-बाल अस्पतालों तथा 3 सार्वजनिक अस्पतालों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान आयुक्त ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सटीक और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डिजिटल डेटा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सभी स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक आधारित प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए। आयुक्त ने विभिन्न टीकाकरण अभियानों की समीक्षा करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने बड़े आवासीय परिसरों, झुग्गी बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करने तथा स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जनसंपर्क बढ़ाने पर बल दिया। आगामी मानसून के मद्देनजर संक्रामक रोगों की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए डॉ. शिंदे ने मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए पूर्व नियोजन के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से निर्माण स्थलों और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा प्रतिबंधात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। बैठक में मनपा की प्रयोगशालाओं में थैलेसीमिया और स्वाइन फ्लू जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। आयुक्त ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और त्वरित जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट के स्थानांतरण कार्य में तेजी लाने तथा अस्पतालों में उपलब्ध सभी वेंटिलेटरों को पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग में लाने के लिए आवश्यक नियोजन करने को कहा गया। उन्होंने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र कार्ड उपलब्ध कराने और योजना का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी रिकॉर्ड और मरीजों की जानकारी के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया गया। माता एवं शिशु मृत्यु के मामलों पर गंभीरता व्यक्त करते हुए आयुक्त ने प्रत्येक मामले का विस्तृत डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार प्रणाली में आवश्यक सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। बैठक में वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश म्हात्रे, उप आयुक्त डॉ. अजय गडदे, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धनवंती घाडगे, डॉ. रत्नप्रभा चव्हाण, विभिन्न सार्वजनिक अस्पतालों के अधीक्षक, माता-बाल अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के समापन पर आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निरंतर मूल्यांकन पर आधारित है। इसलिए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।