Website Media & News Channel

नवी मुंबई की नाइटलाइफ़ पर ‘उगाही का साया’: APMC से बेलापुर तक डांस बारों में बिल का खेल, खामोश खाकी पर सवाल

0

परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई: नवी मुंबई की चमकदार नाइटलाइफ़ खासकर APMC, बेलापुर, नेरुल इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। शहर के कई डांस बारों पर ‘बिल’ के नाम पर सुनियोजित उगाही करने के आरोप सामने आ रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ ओवरचार्जिंग तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जहां ग्राहकों को दबाव में लाकर भारी रकम वसूली जाती है। कहाँ से शुरू होता हैं ‘बिलिंग पैटर्न’?, सूत्रों के अनुसार, APMC (वाशी) क्षेत्र के आसपास स्थित कुछ बारों में यह पैटर्न ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आया है, मेन्यू कार्ड अस्पष्ट या बदलते हुए दिखाए जाते हैं, ‘स्पेशल सर्विस’ और ‘VIP एरिया’ के नाम पर अतिरिक्त चार्ज, बिना ऑर्डर किए आइटम भी बिल में जोड़ने के आरोप हैँ, इसके बाद यही पैटर्न नेरुल, बेलापुर तक फैलता हुआ बताया जा रहा है। लेट नाइट चालू, सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार कई डांस बार निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक खुले रहते हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर “लेट नाइट” सर्विस दी जाती है, जिससे कानून व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। दबाव और डर का माहौल, कई पीड़ितों का आरोप है कि जब वे बिल पर सवाल उठाते हैं, तो बार स्टाफ द्वारा उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लाया जाता है। कुछ मामलों में ग्राहकों को बाहर जाने से रोकने या माहौल को डरावना बनाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। नियमों की अनदेखी?, महाराष्ट्र में डांस बारों के लिए सख्त लाइसेंसिंग और संचालन नियम लागू हैं। इसके बावजूद, आरोप है कि इन क्षेत्रों में कुछ बार नियमों की अनदेखी करते हुए खुलेआम संचालित हो रहे हैं। सवाल उठता है क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं, या फिर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है? ‘खाकी’ की चुप्पी पर बढ़ते सवाल, स्थानीय लोगों का कहना है कि APMC, वाशी और आसपास के इलाकों से कई शिकायतें सामने आने के बावजूद जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई कम दिखाई देती है। क्या यह केवल प्रशासनिक सुस्ती है या फिर किसी प्रकार का दबाव? यह अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुका है, महाराष्ट्र के कई न्यूज़ चैनल ने भी बार के मुद्दों को जोरो से उठाया हैँ। फिलहाल नवी मुंबई के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि APMC, बेलापुर, नेरुल में चल रही कथित उगाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह मुद्दा कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गहरा असर डाल सकता है। नाइटलाइफ़ का मतलब मनोरंजन होना चाहिए, न कि डर, दबाव और धोखाधड़ी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.