परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शहर के झुग्गी-बस्तियों और श्रमिक वर्ग के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने की पहल की है। महानगरपालिका द्वारा संचालित मराठी माध्यम के स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से अंग्रेज़ी माध्यम में परिवर्तित करने का प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया गया, जिसे व्यापक समर्थन मिला। इस महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल को आगे बढ़ाने में मनोनीत पार्षद अमित मेढ़कर की विशेष भूमिका सामने आई है। उन्होंने इस प्रस्ताव का जोरदार समर्थन करते हुए इसे सामाजिक समानता और शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में अहम कदम बताया। अमित मेढ़कर ने कहा कि “अब तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे केवल भाषा की बाधा के कारण पीछे रह जाते थे। यह निर्णय उन्हें न केवल बेहतर शिक्षा देगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगा और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि मराठी माध्यम के स्कूलों में अंग्रेज़ी शिक्षा लागू होने से गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी वही अवसर मिलेंगे, जो अब तक केवल निजी स्कूलों तक सीमित थे। इस फैसले को लोकनेता गणेश नाईक के मार्गदर्शन और सदन के नेता सागर नाईक के प्रयासों से गति मिली, लेकिन इसे मजबूती से सदन में रखने और जनसमर्थन दिलाने में अमित मेढकर की सक्रिय भूमिका निर्णायक रही। शहर के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की राह मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह सुझाव भी दिया है कि इस परिवर्तन के साथ-साथ मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखते हुए आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल सके। अब जनता की उम्मीद है कि महानगरपालिका प्रशासन इस योजना को जल्द से जल्द लागू करे, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से ही छात्रों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

अमित अमृत मेढ़कर