निलेश और जोया पर संगीन आरोप- फर्जी शिकायत पत्र, अवैध कब्जा, वसूली और वर्दी के दुरुपयोग का खुलासा
NMT News Network | नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस के APMC स्टेशन में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और फर्जी केस तैयार करने की साजिश को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वतंत्र पत्रकार सिंह ने API निलेश पाटिल और रेशमा उर्फ़ जोया खान सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ विस्तृत शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि पुलिस और बाहरी व्यक्तियों के गठजोड़ ने कानून के संरक्षण में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया। फर्जी केस बनाने की साजिश और व्यक्तिगत दुश्मनी को लेकर पत्रकार को निशाना बनाया, शिकायत में कहा गया कि API निलेश पाटिल ने रेशमा उर्फ़ जोया खान के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से परश्वेर सिंह को फर्जी NDPS व अन्य केस में फंसाने का प्लान बनाया। शिकायत पत्र में आरोप है कि- पत्रकार के खिलाफ शिकायतकर्ता तैयार किए गए, झूठे आरोप भी तैयार किये गए, और दबाव डालकर खबरें हटाने व अवैध धंधे वालों से सेटलमेंट का जबरन प्रयास करवाये गए। एनएमटी डिजिटल मीडिया चैनल को बंद करवाने की धमकी दी गई, शिकायतकर्ता ने कहा कि यह केवल “कानूनी कार्रवाई” नहीं, बल्कि प्रतिशोधात्मक षड्यंत्र हैँ, जिसका उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता को दबाना और भ्रष्टाचार को उजागर करने से रोकना हैँ। सिड़को भूमि पर अवैध कब्जे में ‘पाटील’ का खुला सहयोग -आरोपों के अनुसार, API पाटिल और खान के बीच लंबे समय से आपसी सहयोग रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि- जोया खान ने सरकारी CIDCO भूमि पर अवैध कब्जा किया, और इस कब्जे में API पाटिल द्वारा संरक्षण प्रदान किया गया। इस आरोप के समर्थन में समाचार प्रकाशित कर नीलेश पाटील के खिलाफ धारा 145–149 के तहत विस्तृत जांच की मांग की गई है। APMC परिसर में गुंडों के जरिए अवैध वसूली का नेटवर्क, सिर्फ फर्जी केस ही नहीं, APMC मार्केट में बाहरी गुंडों व अपने कलेक्टर का उपयोग कर दुकानदारों और व्यापारियों से तथाकथित तौर पर अवैध वसूली की जाती है, यह पूरा नेटवर्क पुलिस संरक्षण में पनप रहा है। जो शैलेन्द्र द्रीवेदी के X-ट्विटर पर लगातार प्रसारित किया जा रहा हैँ, शिकायत में इस नेटवर्क में जोया खान और कुछ अन्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी का भी उल्लेख किया गया है। डिजिटल पत्रकारिता को कुचलने की कोशिश- पत्रकार सिंह ने कहाँ, निलेश, मनोज और जोया खान ने उनकी प्रकाशित खबरों को हटाने के लिए “बोगस पत्रकार” नाम से APMC पुलिस स्टेशन को अप्लीकेशन कर धमकियां दीं और नीलेश पाटील धमकी में सहयोग किये, API पाटील जैसे षड्यंत्रकारियो द्वारा डिजिटल पत्रकारों को लगातार दबाने का प्रयास किया जा रहा हैँ। यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a)- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है। शिकायतकर्ता ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा- 22, 23, 25, 29, 30 एवं 33 के तहत निम्न मांगें रखी हैं- 1) API निलेश पाटिल और रेशमा उर्फ़ जोया खान पर तत्काल निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच, 2) एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा भ्रष्टाचार और NDPS केस से जुड़े आरोपों की अलग से जांच, 3) जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को APMC पुलिस स्टेशन से हटाया जाए, 4) CIDCO भूमि कब्जे और वसूली रैकेट की विस्तृत पड़ताल हो, 5) दोष सिद्ध होने की स्थिति में पुलिस अधिकारियों और उनके बाहरी सहयोगियों पर सख्त आपराधिक कानून के तहद कार्रवाई किया जाय, उपरोक्त ईन संगीन आरोपों ने नवी मुंबई पुलिस विभाग और APMC मार्केट सिस्टम में चर्चा का बिषय बना दिया है। शिकायत के बाद श्री पाटील पर कार्रवाई करने और सत्यापन का दबाव बढ़ा है, शिकायतकर्ता का कहना- “मैं सिर्फ पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्याय के लिए लड़ रहा हूँ। किसी भी हाल में सच को दबाने नहीं दूँगा।”