नवी मुंबई में ICMAI का CPE कार्यक्रम आयोजित, नए श्रम संहिताओं पर हुई विस्तृत चर्चा
परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई: इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) के नवी मुंबई चैप्टर द्वारा रविवार को कोंकण रेलवे एग्जीक्यूटिव क्लब, सीवुड (पश्चिम) में सतत व्यावसायिक शिक्षा (CPE) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर 2024 से लागू नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) रहा। कार्यक्रम की शुरुआत CMA अरूप बागुई, चेयरमैन (प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमिटी) एवं सचिव, नवी मुंबई चैप्टर के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित CMA सदस्यों एवं उद्योग प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। चैप्टर के चेयरमैन CMA नीलमणि भक्ता ने भी अपने संबोधन में सदस्यों के पेशेवर विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्य वक्ता CMA सस्वता बनर्जी, जो श्रम कानूनों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं, ने अपने विस्तृत प्रस्तुतीकरण में बताया कि देश के 29 श्रम कानूनों को समेकित कर 4 श्रम संहिताओं में परिवर्तित किया गया है। उन्होंने वेतन भुगतान की समय-सीमा, वेतन संरचना में बदलाव, ओवरटाइम नियमों में संशोधन, सेटलमेंट प्रक्रिया, श्रम निरीक्षक की भूमिका एवं नियोक्ताओं की नई जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक (वित्त) CMA राजेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में नए श्रम संहिताओं के भारतीय उद्योग पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में टाटा समूह के होटल व्यवसाय (इंडियन होटल्स–ताज) में ग्रुप इंटरनल ऑडिट टीम के प्रमुख CMA प्रभाकर मुखर्जी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर 50 से अधिक पेशेवरों, अधिकारियों एवं प्रैक्टिशनरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सदस्यों को नवीन कानूनी परिवर्तनों से अवगत कराना एवं उनके व्यावसायिक ज्ञान को सुदृढ़ करना रहा।