6704 करोड़ का मेगा बजट: नवी मुंबई को ‘स्मार्ट, सुरक्षित और श्रेष्ठ शहर’ बनाने का रोडमैप
परमेश्वर सिंह / नवी मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) ने वर्ष 2026-27 के लिए 6704.43 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है, जो शहर के समग्र विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। यह बजट स्थायी समिति के सभापति श्री अशोक पाटील ने महापौर श्रीमती सुजाता पाटील को विशेष महासभा में प्रस्तुत किया। बैठक में उपमहापौर श्री दशरथ भगत, आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे, सभागृह नेता श्री सागर नाईक समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बजट पेश करने के बाद सभापति ने इसे “विकास और विश्वास का दस्तावेज” बताते हुए इसके प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। आंकड़ों में बजट की तस्वीर, वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार, 1839.58 करोड़ रुपये की शुरुआती शेष राशि और 3991.24 करोड़ रुपये की आय के साथ कुल 5830.82 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है, जबकि व्यय 4564.98 करोड़ रुपये अनुमानित है। वहीं, वर्ष 2026-27 के लिए 1265.83 करोड़ रुपये की प्रारंभिक शेष राशि के साथ कुल आय 6704.43 करोड़ रुपये और व्यय 6689.43 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इस बजट में 15 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान जताया गया है, जो वित्तीय संतुलन को दर्शाता है। हर वार्ड तक विकास पहुंचाने पर फोकस, महापौर सुजाता पाटील ने घोषणा की कि इस बजट पर विस्तृत चर्चा के लिए 6 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे महासभा आयोजित की जाएगी। साथ ही परिवहन उपक्रम और वृक्ष प्राधिकरण के बजट भी पेश किए गए। सभापति अशोक पाटील ने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य नवी मुंबई को एक प्रगतिशील, सुरक्षित और देश के मानचित्र पर अग्रणी शहर के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत शहर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और जनोपयोगी परियोजनाओं को तेजी से लागू करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विकास का विजन, इस बजट के माध्यम से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले वर्ष में नवी मुंबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए जाएंगे। हर प्रभाग के नागरिकों तक समान रूप से सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य भी इस बजट का प्रमुख आधार है। कुल मिलाकर, 6704 करोड़ रुपये का यह बजट न केवल शहर के विकास का खाका पेश करता है, बल्कि नवी मुंबई को भविष्य के “मॉडल सिटी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत पहल भी माना जा रहा है।