राष्ट्र की आवाज

भारत के प्रधानमंत्री नरेंन्द्र दास मोदी ने मन की बात में दिव्यांग जनों के हित की चर्चा की

0


प्रणव भाई देसाई की प्रेरणा से (वॉइस ऑफ स्पेशली एबल पीपल) संस्था प्रारम्भ हुयी

अजय दूबे / वाराणसी: भारत के प्रधानमंत्री मन की बात में दिव्यांग जनों  की चर्चा करते हुए बताया कि (वॉइस आफ स्पेशली  एबल पीपल) अपनी नई-नई खोज व तकनीकी के माध्यम से दिव्यांगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने संस्था की प्रशंसा भी की तथा संस्था के कार्यों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि हम तकनीक का प्रयोग करके दिव्यांग जनों के जीवन को आसान व उनकी कठिनाइयों को कम  सकते हैं। ज्ञात हो कि (वॉइस ऑफ़  स्पेशली  एबल पीपल) के संस्थापक प्रणव देसाई भाई गुजरात के रहने वाले तथा इस समय वर्तमान में अमेरिका में रह रहें है।जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के करीबी लोगों में है। तथा उनके जीवन के प्रारंभिक दिनों से ही दिव्यांगता को लेकर वह  सुझाव देते रहे है, दो हजार सोलह में दिव्यांगों के लिए पार्लियामेंट में  *दिव्यांग अधिनियम एक्ट 2016* पारित हुआ था, उसमें भी प्रणव भाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रणव भाई देसाई की प्रेरणा से यह संस्था प्रारंभ हुयी है। तथा समय-समय पर वह प्रधानमंत्री जी को भारत में किस प्रकार से दिव्यांग जनों का कार्य करना चाहिए इसका सुझाव देते रहते हैं। यह संस्था पिछले दो वर्षों से वाराणसी में कार्य कर रही है, करोना काल में सैकड़ों दिव्यांग जनों को राहत सामग्री देने के साथ-साथ वाराणसी में मायो इलेक्ट्रिक हैंड, दिव्यांग पुनर्वास तथा मोटरइज ट्राई  साइकिल सहित और अन्य प्रकार की योजनाएं वाराणसी में करने जा रही है। दिव्यांग बन्धु के नाम से जाने जाने वाले डॉ0 उत्तम ओझा संस्था के प्रतिनिधि व  पदाधिकारी के रूप में वाराणसी में कार्य कर रहे हैं। वाराणसी के ही रहने वाले अखिल  चौबे भी इस संस्था में अपना टेक्निकल सहयोग दे रहे हैं, अमेरिका से फोन करके प्रणव भाई देसाई ने डॉ0 उत्तम ओझा एवं अखिल चौबे  को अपनी  शुभकामना दी। डॉ0 उत्तम ओझा ने बताया कि यह संस्था वाराणसी सहित आसपास के जिलों में तथा पुरे उत्तर प्रदेश में दिव्यांग जनों के जीवन को सुगम बनाने हेतु महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, जिला बस्ती, वाराणसी, एवं  भारत के अन्य राज्य बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं तेलंगाना में  कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि संस्था के अधिक से अधिक सदस्य बने सदस्य बनने के लिए ऐप को डाउनलोड करें, तथा संस्था से जुड़कर नई-नई जानकारियों को प्राप्त करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.